चीन चीन चिल्ला कर टी आर पी बढ़ाये .....!!!
अभी चंद रोज पहले इसी समाचार चैनल में चल रहा था की चीनियों को टक्कर देने के लिए एक ऐसा इंजेक्सन बन रहा है जिसके लगाते ही जवान सियाचिन पर चढ़कर चीनियों को धूल चटा देगा .(लेकिन सियाचिन में तो बर्फ होती है, खैर.... चैनल इस पर भी प्रकाश डाल देता तो और अच्छा रहता. )
सबसे बड़ा रहस्योद्घाटन तो मेरे लिए यह था इसी चैनल का कि महीने की शुरूआत में जो बिजली के ग्रिड फेल हुए थे उनके पीछे भी चीन का हाथ था . उफ्फ़ !! कितने नादान हैं हम कि इसको अपने सिस्टम की ख़ता समझ रहे थे . मसला सिर्फ ग्रिड जैसे मानवीय मामलों का ही नहीं बल्कि मई के महीने में मुल्क में मानसून की देरी जैसे प्राकृतिक मामलों के पीछे भी भाई लोगों ने एक तूफ़ान को चीन द्वारा प्रायोजित घोषित कर दिया .
मजे की बात यह है कि इस चीनी रायते को फ़ैलाने मैं किसी एक चैनल का योगदान नहीं है, बल्कि पूरे के पूरे सेटेलाइट में ही चीनी मिली हुई दिखाई देती है, कुँए मैं भांग की तर्ज़ पर . एक चैनल ने तो चीन से टक्कर लेने के लिए सीमा पर तमाम सारी सुरंगे बनवा कर उनमें सेना की "टुकडियां" भी तैनात करवा दीं .
शुक्र है कि आज किशोर कुमार जिन्दा नहीं हैं, अगर वो जिन्दा होते तो चील चील चिल्ला कर गाना नहीं गाते बल्कि वह गाते ........ चीन चीन चिल्ला कर टी आर पी बढ़ाये .....!!!
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