सच कह रही थी मोनिका !
यह बकवास मैंने लगभग तीन साल पहले तब लिखी था जब मोहतरमा मोनिका बेदी जी अपने भाई (?) परम श्रद्धेय श्री अबू सलेम जी के साथ पवित्र पुर्तगाल नामक देश से इस भारत भूमि पर पधारी थीं। तब मैंने इस बकवास को शीर्षक दिया था "सच बोल रही है मोनिका"। आप लोग इसे पढिये और बताइए उस वक्त मैं सही था या नहीं ? अब जब कि मोनिका जी बुद्धू बक्से में बिग बॉस के बस में रह कर बिजली गिरा रहीं हैं ऐसे में मुझे लगा कि उनकी शान में आपके साथ बैठ कर कुछ यादें ताज़ा की जाएँ। तो हाज़िर है साहेब वही बकवास तीन साल पहले वाली बिना किसी कांट छाँट के।
मोनिका बेदी शादी शुदा नहीं हैं, एसा में नहीं कह रहा हूँ, वही कह रहीं हैं। एक बार नहीं दो - दो बार ऐसा कहा, अलग अलग जगहों पर। देश के दो अलग अलग हिस्सों में - पहले दक्षिण भारत में और फिर भारत के मध्य भूभाग में। अपने देश का हवा - पानी ही ऐसा है कि लोग सच बोलने पर मजबूर हो जाते हैं। अब व्यवस्थापिका और न्यायपालिका वाले न मानें तो उनके अपनी मजबूरी हो सकती है। लेकिन में आजाद देश का आजाद नागरिक हूँ, में पूरी तरह यह मानने के लिए आजाद हूँ कि मोनिका जी सच ही बोल रहीं हैं। और कोई सुंदरी जिस पर डॉन का दिल डोल गया वह अगर कहे कि मैं शादी शुदा नहीं हूँ तो, मुझे तो क्या, किसी को भी कोई आपत्ति क्यों हो सकती है
अभी कल तक मोनिका जी विदेश में थीं तो शादी शुदा थीं या नहीं, मैं नहीं कह सकता लेकिन यह तय है कि अपनी धरती पर पाँव पड़ते ही वह अपनी पूर्व अवस्था में आ गईं हैं। मैं अभी तक निगार खान के झटकों से ही नहीं उबर पाया था। वो यहाँ आईं थीं तो शादी शुदा नहीं थीं, चंद महीने इस पावन धरती पर रह कर उसे और पावन किया - युवाओं को धार्मिक प्रवचन दिए, योग के आसन सिखाये। इसी बीच तथाकथित तौर पर किसी गुणों के खान से शादी कर ली। लेकिन जब "देश के दुश्मनों" ने जबरन उन्हें इस धरा से उठा कर हवाई गाड़ी में बिठा दिया तो वह पुनः पूर्व स्थिति में पहुँच गईं।
खैर, यहाँ बात हो रही थी मोनिका जी की। अब यह मोनिका नाम भी बड़ा जालिम है। कुछ साल पहले इसी नामाराशी ने अमेरिका जैसे मजबूत देश को हिला दिया था। अब जब अपनी देशी मोनिका वापस अपने घर आ गईं हैं, कुछ न कुछ तो हिलाएंगी ही। अपनी पिछली फिल्मी पारी में अन्य अभिनेत्रियों की तरह छपरा, आरा, पटना, आदि तो नहीं हिला पाई लेकिन अबू सलेम को हिला दिया। परन्तु वह नामुराद तो भाई निकला, और भाई से शादी ................. तौबा तौबा ! इसी वजह से तो मुझे सबसे अधिक यकीं है कि वह शादी शुदा नहीं हो सकती। कोई भी महिला कितने भी अधम क्यों न हो, भाई से तो शादी नहीं कर सकती न। अब सबको तो यम् - यमी की तरह अपना नाम इतिहास में लिखवाना नहीं आता।
मोनिका जी फिर दुबई, अमेरिका या पुर्तगाल में क्या कर रहीं थीं ? इस बारे में मोनिका और यूनिवर्सल भाई अबू सलेम ने कोई खुलासा नहीं किया। जानकारों के मुताबिक भाई का हाथ अंग्रेजी में तंग था इसलिए दैनंदिन कार्य व्यापार में मोनिका जी उनकी मदद करतीं थीं। अब भाई का वह कौन सा व्यवसाय था जिसमें आंग्ल भाषा के जरुरत पड़ती थी। यह पड़ताल का विषय है। मेरी कल्पना के अनुसार यह कुछ ऐसा होता होगा ---
ग्राहक - भाई, एक आदमी को टपकाने का।
भाई - ठीक है, टपक जायेगा !
ग्राहक - रोकडा?
भाई - दो खोखा।
इस तरह के व्यापार में मोनिका जी दुभाषिये की भूमिका निभाती होंगीं। या फिर भाई अपने शूटर से कहते होंगे कि - अबे ! गोली दाग। यह उसकी समझ में नहीं आता होगा, तब मोनिका जी अपनी मधुर वाणी में कहती होंगी - FIRE ! तभी उनके व्यवसाय का वह कार्य संपन्न होता होगा। इस तरह मोनिका जी भाई के साथ बतौर पत्नी नहीं बल्कि किसी कम्पनी के सी इ ओ की पी ऐ तरह साथ रहती होंगी।
अब मोनिका जी वापस भारत आ गईं हैं और साथ में भाई भी आ गए हैं। लेकिन भाई के पास अब कोई कम्पनी ही नहीं है है तो मोनिका जी की पी ऐ की नौकरी भी नहीं रही। अब उनकी बात को सच मानने में क्या हर्ज़ है? और अब तो इस बारे में भाई भी अपनी कोई राय व्यक्त नहीं कर पायेंगे क्योंकि उनके वकीलों ने दावा किया है कि भाई अपनी याददाश्त खो रहे हैं। मोनिका जी शादी शुदा हैं कि नहीं, वही आख़िरी आदमी हैं जो इस पर प्रकाश डाल सकते हैं और अब जब वह स्मरण शक्ति से हाथ धो रहे हैं तो मोनिका जी सही ही कह रहीं हैं।
मोनिका जी के कद्रदान चिंता न करें। बस जमानत हो जाने दीजिये मोनिका जी वापस कुंवारी हो कर फिल्मों में काम करेंगी। याददाश्त हम सब देशवासियों की भी बहुत कमज़ोर है ................. वरना बहुत से लोग आज सिनेमा और समाज के परदे पर नहीं दिख रहे होते ................ और हमारे कानून की याददाश्त भी बस !!! हम सब देशवासियों की तरह ही है।

2 Comments:
what rubbish
joota ho to aisa.....!
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home